Sunday, May 13, 2007

on mother's day

it's turning into a beautiful love story, we are separated by distance but can chatter along for long, she asked me "Am i well?" and told that शीखा मौसी was not well and had fever and vomitted. she wondered that it had been so many days since she was away "one two three years, एक महिने से ऊपर हो गया ना, मैं कल परसों और कल आ जाऊंगी , मुशे तुम्हारी बहुत याद आती है, i love you papa and i said i love you darling and she went around saying that to the whole house that papa said i love you, darling, she came back on line and said "but i love you papa",
i asked to wish her नानी , दादी और ममी "happy mothers day" and she did so promptly and even her दादी भी काफी खुश थी कि उसने अपने आपने आप कहा , बिना उनके बताने से , मैं चुप रहा क्यूंकि अगर मैं कहता कि मैंने मुश से कहा था तो शायद उनकी ख़ुशी कम हो जाती
her voice is so clear and words sound so mature that it is hard to believe she is so young and in लोवे थें थे डाक्टर ने कहा था कि बचे प्यार का मतलब नहीं समझते हैं , i dont know how much of that is truth
मेरी माँ बहुत खुश थी कि वोह रामोजी स्तुडोस गए हैदराबाद मैं और मेरे पिताजी को टोपी लगायी तीन सौ रुपये की , लेकिन वोह काफी खुश थी और वहाँ पर दिन भर घूमा , यह ट्रिप उनके लिक्ये काही अचि रही क्यूंकि उन्हें पूराने दोस्त मिले और स्री सैलम भी देखने को मिल
हम लोग मात्र दिवस का इंतज़ार क्यूँ करते हैं अपनी माँ को याद करने के लिए
Post a Comment

Disqus for dsteps blog