Tuesday, February 19, 2013

Surrender is release

When you surrender you become empty.

God will not ask you to surrender
your good health, habits, wealth, relations
God is already the epitome of goodness
What will he do with your silly little goodness?
HE just wants to take your pain
Why are you so pained even to give your pain?

भगवन तुमसे तुम्हारी ख़ुशी और समृधी नहीं मांगता है
वह तुमसे तुम्हारे दुर्गुण, तुम्हारी कमियां, कमजोरियां मांगता है
खुद के कस्ट देने मैं भी तुम्हे इतना  कस्ट  क्यूं होता है
तुम्हारा सुख लेकर उसे क्या मिलेगा
वो तो खुद सुख का स्वरुप है, सागर है
वैसे देखा जाये तो सब कुछ उसका ही तो है
फिर क्यूं दुःख को पकड़ के बैठे हो ...

Surrender is release
an opportunity for you to free yourself
and come back to your nature
which is peace love and happiness
then meditation happens

जब आप इश्वर  से दर्द बाँट लेते हो
तब आप भी अपने स्वरुप मैं आ जाते हो
आपका स्वरुप प्रेम,शांति और आनंद है
तब समाधी लगती है

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Inspired by yesterdays satsang at +Art of Living ashram in presence of +Sri Sri Ravi Shankar ji. 
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