Thursday, February 14, 2013

The ways of my valentine

तुझे आता देख
नजर थम जाती है

पलकें शेर कहते कहते
एक गज़ल बन जाती है

हर आती जाती सांसें
एक कहर बन जाती हैं

दिन के उस पहर मैं
असीम प्रेम की
एक लहर खुल जाती है

लड़खड़ाते कदम
कांपती बाहें
मिलन की तमन्ना लिए
तेरी ओर बड़ते बड़ते
फिर थम जाती हैं
रुक जाती हैं

देख तुझे
एक खुली हवा
इस पिंजड़े से
गुजर जाती है

तेरी प्रीत लहर
बर्फीले दिल को
मोम कर जाती है
पिघला जाती है

मिलन की किरण
उठती बुझ जाती है
कभी ज्वाला
कभी भस्म
बना जाती है

ख़ुदा की कभी हाँ
कभी ना मैं
उम्मीद डगमगा जाती है

तेरी एक झलक की
आस मैं ज़िन्दगी
आगे बडती जाती है

in fond absence of my beloved gurudev +Sri Sri Ravi Shankar



Post a Comment

Disqus for dsteps blog